वाराणसी पंचांग, बुधवार, 24 फेब्रुवारी, 2027
वाराणसी साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण चतुर्थी 20:41 पर्यंतनंतर कृष्ण पंचमी 20:18 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | हस्त 09:39 पर्यंतनंतर चित्रा 09:33 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | गंड 00:27 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर वृद्धी 23:04 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बव 09:10 पर्यंतनंतर बालव 20:41 पर्यंत; नंतर कौलव 08:23 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | माघ (अमांत)फाल्गुन (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:26 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:57 |
| चंद्रोदय | 21:30 |
| चंद्रास्त | 08:17 |
| सूर्य राशी | कुंभ |
| चंद्र राशी | कन्या |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:48 ते 12:34अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 12:11 ते 13:38 |
| यमगंड | 07:52 ते 09:19 |
| गुलिक काळ | 10:45 ते 12:11 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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