वाराणसी पंचांग, मंगळवार, 23 फेब्रुवारी, 2027
वाराणसी साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण तृतीया 21:49 पर्यंतनंतर कृष्ण चतुर्थी 20:41 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तरा फाल्गुनी 10:28 पर्यंतनंतर हस्त 09:39 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शूल 02:26 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर गंड 00:27 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | वणिज 10:40 पर्यंतनंतर विष्टी (भद्रा) 21:49 पर्यंत; नंतर बव 09:10 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | माघ (अमांत)फाल्गुन (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:27 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:57 |
| चंद्रोदय | 20:31 |
| चंद्रास्त | 07:42 |
| सूर्य राशी | कुंभ |
| चंद्र राशी | कन्या |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:49 ते 12:35 |
|---|---|
| राहुकाळ | 15:04 ते 16:30 |
| यमगंड | 09:19 ते 10:45 |
| गुलिक काळ | 12:12 ते 13:38 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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