कोलकाता पंचांग, बुधवार, 15 जुलै, 2026
कोलकाता साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल प्रतिपदा 11:52 पर्यंतनंतर शुक्ल द्वितीया 08:53 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पुष्य 21:47 पर्यंतनंतर आश्लेषा 19:52 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | हर्षण 08:04 पर्यंतनंतर वज्र 04:30 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर सिद्धी 01:22 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बव 11:52 पर्यंतनंतर बालव 22:19 पर्यंत; नंतर कौलव 08:53 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | आषाढ (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:01 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:24 |
| चंद्रोदय | 05:41 |
| चंद्रास्त | 19:26 |
| सूर्य राशी | मिथुन |
| चंद्र राशी | कर्क |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:16 ते 12:09अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 11:42 ते 13:23 |
| यमगंड | 06:41 ते 08:22 |
| गुलिक काळ | 10:02 ते 11:42 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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