कोलकाता पंचांग, मंगळवार, 14 जुलै, 2026
कोलकाता साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | अमावास्या 15:14 पर्यंतनंतर शुक्ल प्रतिपदा 11:52 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पुनर्वसु 00:10 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर पुष्य 21:47 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | व्याघात 11:57 पर्यंतनंतर हर्षण 08:04 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | चतुष्पाद 05:01 पर्यंतनंतर नाग 15:14 पर्यंत; नंतर किंस्तुघ्न 01:30 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बव 11:52 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | ज्येष्ठ (अमांत)आषाढ (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:00 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:25 |
| चंद्रोदय | 04:31 |
| चंद्रास्त | 18:36 |
| सूर्य राशी | मिथुन |
| चंद्र राशी | मिथुन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:16 ते 12:09 |
|---|---|
| राहुकाळ | 15:03 ते 16:44 |
| यमगंड | 08:21 ते 10:02 |
| गुलिक काळ | 11:42 ते 13:23 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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