जयपूर पंचांग, गुरुवार, 19 नोव्हेंबर, 2026
जयपूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल नवमी 07:07 पर्यंतनंतर शुक्ल दशमी 07:16 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा भाद्रपदा 06:57 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | व्याघात 07:42 पर्यंतनंतर हर्षण 06:40 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर वज्र 04:55 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | कौलव 07:07 पर्यंतनंतर तैतिल 19:18 पर्यंत; नंतर गरज 07:16 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | कार्तिक (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:49 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:35 |
| चंद्रोदय | 13:53 |
| चंद्रास्त | 01:13 |
| सूर्य राशी | वृश्चिक |
| चंद्र राशी | कुंभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:51 ते 12:34 |
|---|---|
| राहुकाळ | 13:33 ते 14:54 |
| यमगंड | 06:49 ते 08:10 |
| गुलिक काळ | 09:31 ते 10:51 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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