जयपूर पंचांग, बुधवार, 18 नोव्हेंबर, 2026
जयपूर साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल नवमी 07:07 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | शततारका 06:10 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर पूर्वा भाद्रपदा 06:57 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | ध्रुव 08:05 पर्यंतनंतर व्याघात 07:42 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 18:42 पर्यंतनंतर कौलव 07:07 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | कार्तिक (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:48 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:35 |
| चंद्रोदय | 13:23 |
| चंद्रास्त | 00:18 |
| सूर्य राशी | वृश्चिक |
| चंद्र राशी | कुंभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:50 ते 12:33अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 12:12 ते 13:33 |
| यमगंड | 08:09 ते 09:30 |
| गुलिक काळ | 10:51 ते 12:12 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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