बंगळुरू पंचांग, शनिवार, 23 ऑक्टोबर, 2027
बंगळुरू साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण अष्टमी 10:00 पर्यंतनंतर कृष्ण नवमी 07:54 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पुष्य 19:07 पर्यंतनंतर आश्लेषा 17:42 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | साध्य 20:42 पर्यंतनंतर शुभ 17:47 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | कौलव 10:00 पर्यंतनंतर तैतिल 20:58 पर्यंत; नंतर गरज 07:54 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शनिवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत)कार्तिक (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:11 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:57 |
| चंद्रोदय | 00:04 |
| चंद्रास्त | 13:10 |
| सूर्य राशी | तूळ |
| चंद्र राशी | कर्क |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:40 ते 12:27 |
|---|---|
| राहुकाळ | 09:07 ते 10:36 |
| यमगंड | 13:32 ते 15:00 |
| गुलिक काळ | 06:11 ते 07:39 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
आजचा दिवस तुमच्यासाठी काय सांगतो?
तुमची पत्रिका हे पंचांग तुमच्या दिवसात बदलते: तुमचा चंद्र, तुमची दशा, तुमचे गोचर.
तुमची पत्रिका बनवा