बंगळुरू पंचांग, शुक्रवार, 22 ऑक्टोबर, 2027
बंगळुरू साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण सप्तमी 11:56 पर्यंतनंतर कृष्ण अष्टमी 10:00 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पुनर्वसु 20:25 पर्यंतनंतर पुष्य 19:07 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सिद्ध 23:30 पर्यंतनंतर साध्य 20:42 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बव 11:56 पर्यंतनंतर बालव 22:59 पर्यंत; नंतर कौलव 10:00 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत)कार्तिक (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:11 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:57 |
| चंद्रोदय | या दिवशी नाही |
| चंद्रास्त | 12:19 |
| सूर्य राशी | तूळ |
| चंद्र राशी | मिथुन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:41 ते 12:28 |
|---|---|
| राहुकाळ | 10:36 ते 12:04 |
| यमगंड | 15:01 ते 16:29 |
| गुलिक काळ | 07:39 ते 09:07 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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