विशाखापट्टणम पंचांग, बुधवार, 24 नोव्हेंबर, 2027
विशाखापट्टणम साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण एकादशी 12:12 पर्यंतनंतर कृष्ण द्वादशी 10:51 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | हस्त 18:53 पर्यंतनंतर चित्रा 18:17 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | प्रीती 11:40 पर्यंतनंतर आयुष्मान 09:23 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 12:12 पर्यंतनंतर कौलव 23:30 पर्यंत; नंतर तैतिल 10:51 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | कार्तिक (अमांत)मार्गशीर्ष (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:07 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:20 |
| चंद्रोदय | 02:19 |
| चंद्रास्त | 14:18 |
| सूर्य राशी | वृश्चिक |
| चंद्र राशी | कन्या |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:21 ते 12:06अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 11:43 ते 13:07 |
| यमगंड | 07:31 ते 08:55 |
| गुलिक काळ | 10:19 ते 11:43 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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