विशाखापट्टणम पंचांग, सोमवार, 1 नोव्हेंबर, 2027
विशाखापट्टणम साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल तृतीया 17:16 पर्यंतनंतर शुक्ल चतुर्थी 18:03 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | अनुराधा 09:58 पर्यंतनंतर ज्येष्ठा 11:06 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शोभन 19:53 पर्यंतनंतर अतिगंड 19:25 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 17:16 पर्यंतनंतर वणिज 05:34 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 18:03 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | सोमवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | कार्तिक (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:55 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:25 |
| चंद्रोदय | 08:23 |
| चंद्रास्त | 19:35 |
| सूर्य राशी | तूळ |
| चंद्र राशी | वृश्चिक |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:17 ते 12:03 |
|---|---|
| राहुकाळ | 07:21 ते 08:48 |
| यमगंड | 10:14 ते 11:40 |
| गुलिक काळ | 13:06 ते 14:33 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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