विशाखापट्टणम पंचांग, मंगळवार, 19 ऑक्टोबर, 2027
विशाखापट्टणम साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण चतुर्थी 16:43 पर्यंतनंतर कृष्ण पंचमी 15:19 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | रोहिणी 23:16 पर्यंतनंतर मृग 22:30 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | व्यतीपात 09:17 पर्यंतनंतर वरीयान 07:05 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 16:43 पर्यंतनंतर कौलव 04:02 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर तैतिल 15:19 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत)कार्तिक (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:51 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:33 |
| चंद्रोदय | 20:26 |
| चंद्रास्त | 09:12 |
| सूर्य राशी | तूळ |
| चंद्र राशी | वृषभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:18 ते 12:05 |
|---|---|
| राहुकाळ | 14:37 ते 16:05 |
| यमगंड | 08:46 ते 10:14 |
| गुलिक काळ | 11:42 ते 13:09 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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