विशाखापट्टणम पंचांग, शनिवार, 2 ऑक्टोबर, 2027
विशाखापट्टणम साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल तृतीया 02:09 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शुक्ल चतुर्थी 01:29 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | स्वाती 00:03 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर विशाखा 00:00 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | वैधृती 15:41 पर्यंतनंतर विष्कंभ 13:44 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | तैतिल 14:46 पर्यंतनंतर गरज 02:09 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर वणिज 13:43 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शनिवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:47 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:45 |
| चंद्रोदय | 07:42 |
| चंद्रास्त | 19:15 |
| सूर्य राशी | कन्या |
| चंद्र राशी | तूळ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:22 ते 12:10 |
|---|---|
| राहुकाळ | 08:47 ते 10:16 |
| यमगंड | 13:16 ते 14:46 |
| गुलिक काळ | 05:47 ते 07:17 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
आजचा दिवस तुमच्यासाठी काय सांगतो?
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