विशाखापट्टणम पंचांग, गुरुवार, 30 सप्टेंबर, 2027
विशाखापट्टणम साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
सण
- नवरात्रारंभ (घटस्थापना)
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | अमावास्या 08:06 पर्यंतनंतर शुक्ल प्रतिपदा 05:36 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर शुक्ल द्वितीया 03:34 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | हस्त 02:11 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर चित्रा 00:49 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | ब्रह्म 21:08 पर्यंतनंतर ऐंद्र 18:11 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | नाग 08:06 पर्यंतनंतर किंस्तुघ्न 18:48 पर्यंत; नंतर बव 05:36 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बालव 16:31 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | भाद्रपद (अमांत)आश्विन (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:47 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:47 |
| चंद्रोदय | 05:43 |
| चंद्रास्त | 17:47 |
| सूर्य राशी | कन्या |
| चंद्र राशी | कन्या |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:23 ते 12:11 |
|---|---|
| राहुकाळ | 13:17 ते 14:47 |
| यमगंड | 05:47 ते 07:17 |
| गुलिक काळ | 08:47 ते 10:17 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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