विशाखापट्टणम पंचांग, सोमवार, 20 सप्टेंबर, 2027
विशाखापट्टणम साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण चतुर्थी 07:09 पर्यंतनंतर कृष्ण पंचमी 06:43 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | भरणी 18:09 पर्यंतनंतर कृत्तिका 18:13 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | व्याघात 07:13 पर्यंतनंतर हर्षण 05:49 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 07:09 पर्यंतनंतर कौलव 18:59 पर्यंत; नंतर तैतिल 06:43 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | सोमवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | भाद्रपद (अमांत)आश्विन (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:45 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:55 |
| चंद्रोदय | 20:42 |
| चंद्रास्त | 09:18 |
| सूर्य राशी | कन्या |
| चंद्र राशी | मेष |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:26 ते 12:15 |
|---|---|
| राहुकाळ | 07:16 ते 08:48 |
| यमगंड | 10:19 ते 11:50 |
| गुलिक काळ | 13:21 ते 14:53 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
आजचा दिवस तुमच्यासाठी काय सांगतो?
तुमची पत्रिका हे पंचांग तुमच्या दिवसात बदलते: तुमचा चंद्र, तुमची दशा, तुमचे गोचर.
तुमची पत्रिका बनवा