विशाखापट्टणम पंचांग, रविवार, 5 सप्टेंबर, 2027
विशाखापट्टणम साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल पंचमी 11:18 पर्यंतनंतर शुक्ल षष्ठी 10:58 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | स्वाती 14:30 पर्यंतनंतर विशाखा 14:59 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | ब्रह्म 06:06 पर्यंतनंतर ऐंद्र 04:37 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर वैधृती 03:48 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 11:18 पर्यंतनंतर कौलव 23:02 पर्यंत; नंतर तैतिल 10:58 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | रविवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | भाद्रपद (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:43 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:08 |
| चंद्रोदय | 09:58 |
| चंद्रास्त | 21:24 |
| सूर्य राशी | सिंह |
| चंद्र राशी | तूळ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:31 ते 12:20 |
|---|---|
| राहुकाळ | 16:35 ते 18:08 |
| यमगंड | 11:55 ते 13:29 |
| गुलिक काळ | 15:02 ते 16:35 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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