विशाखापट्टणम पंचांग, सोमवार, 23 ऑगस्ट, 2027
विशाखापट्टणम साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण षष्ठी 20:53 पर्यंतनंतर कृष्ण सप्तमी 20:25 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | अश्विनी 12:11 पर्यंतनंतर भरणी 12:38 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | वृद्धी 01:18 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर ध्रुव 23:48 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 08:54 पर्यंतनंतर वणिज 20:53 पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 08:44 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | सोमवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | श्रावण (अमांत)भाद्रपद (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:41 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:18 |
| चंद्रोदय | 21:57 |
| चंद्रास्त | 10:26 |
| सूर्य राशी | सिंह |
| चंद्र राशी | मेष |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:34 ते 12:25 |
|---|---|
| राहुकाळ | 07:15 ते 08:50 |
| यमगंड | 10:25 ते 11:59 |
| गुलिक काळ | 13:34 ते 15:09 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
आजचा दिवस तुमच्यासाठी काय सांगतो?
तुमची पत्रिका हे पंचांग तुमच्या दिवसात बदलते: तुमचा चंद्र, तुमची दशा, तुमचे गोचर.
तुमची पत्रिका बनवा