विशाखापट्टणम पंचांग, शनिवार, 21 नोव्हेंबर, 2026
विशाखापट्टणम साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
सण
- कार्तिकी एकादशी
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल एकादशी 06:32 पर्यंतनंतर शुक्ल द्वादशी 04:57 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर शुक्ल त्रयोदशी 02:38 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तरा भाद्रपदा 06:51 पर्यंतनंतर रेवती 05:55 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर अश्विनी 04:16 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सिद्धी 02:30 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर व्यतीपात 23:29 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 06:32 पर्यंतनंतर बव 17:51 पर्यंत; नंतर बालव 04:57 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर कौलव 15:52 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शनिवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | कार्तिक (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:05 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:20 |
| चंद्रोदय | 14:34 |
| चंद्रास्त | 02:31 |
| सूर्य राशी | वृश्चिक |
| चंद्र राशी | मीन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:20 ते 12:05 |
|---|---|
| राहुकाळ | 08:54 ते 10:18 |
| यमगंड | 13:07 ते 14:31 |
| गुलिक काळ | 06:05 ते 07:29 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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