विशाखापट्टणम पंचांग, सोमवार, 12 ऑक्टोबर, 2026
विशाखापट्टणम साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल द्वितीया 22:14 पर्यंतनंतर शुक्ल तृतीया 23:28 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | स्वाती 23:52 पर्यंतनंतर विशाखा 01:43 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | विष्कंभ 20:32 पर्यंतनंतर प्रीती 20:23 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 09:49 पर्यंतनंतर कौलव 22:14 पर्यंत; नंतर तैतिल 10:47 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | सोमवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:49 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:37 |
| चंद्रोदय | 07:04 |
| चंद्रास्त | 18:35 |
| सूर्य राशी | कन्या |
| चंद्र राशी | तूळ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:20 ते 12:07 |
|---|---|
| राहुकाळ | 07:18 ते 08:46 |
| यमगंड | 10:15 ते 11:43 |
| गुलिक काळ | 13:12 ते 14:40 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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