विशाखापट्टणम पंचांग, बुधवार, 30 सप्टेंबर, 2026
विशाखापट्टणम साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण चतुर्थी 14:56 पर्यंतनंतर कृष्ण पंचमी 12:36 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | भरणी 07:37 पर्यंतनंतर कृत्तिका 06:03 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | वज्र 00:20 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर सिद्धी 21:18 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 14:56 पर्यंतनंतर कौलव 01:46 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर तैतिल 12:36 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | भाद्रपद (अमांत)आश्विन (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:47 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:47 |
| चंद्रोदय | 20:26 |
| चंद्रास्त | 09:04 |
| सूर्य राशी | कन्या |
| चंद्र राशी | मेष |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:23 ते 12:11अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 11:47 ते 13:17 |
| यमगंड | 07:17 ते 08:47 |
| गुलिक काळ | 10:17 ते 11:47 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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