विशाखापट्टणम पंचांग, रविवार, 30 ऑगस्ट, 2026
विशाखापट्टणम साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण द्वितीया 09:38 पर्यंतनंतर कृष्ण तृतीया 08:52 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तरा भाद्रपदा 03:45 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर रेवती 03:24 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शूल 03:46 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर गंड 01:50 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 09:38 पर्यंतनंतर वणिज 21:18 पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 08:52 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | रविवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | श्रावण (अमांत)भाद्रपद (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:42 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:13 |
| चंद्रोदय | 19:33 |
| चंद्रास्त | 07:20 |
| सूर्य राशी | सिंह |
| चंद्र राशी | मीन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:32 ते 12:22 |
|---|---|
| राहुकाळ | 16:39 ते 18:13 |
| यमगंड | 11:57 ते 13:31 |
| गुलिक काळ | 15:05 ते 16:39 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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