विशाखापट्टणम पंचांग, बुधवार, 5 ऑगस्ट, 2026
विशाखापट्टणम साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण सप्तमी 20:43 पर्यंतनंतर कृष्ण अष्टमी 18:53 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | अश्विनी 21:18 पर्यंतनंतर भरणी 20:14 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शूल 17:29 पर्यंतनंतर गंड 15:01 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 09:27 पर्यंतनंतर बव 20:43 पर्यंत; नंतर बालव 07:51 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | आषाढ (अमांत)श्रावण (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:36 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:29 |
| चंद्रोदय | 22:53 |
| चंद्रास्त | 11:15 |
| सूर्य राशी | कर्क |
| चंद्र राशी | मेष |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:37 ते 12:28अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 12:03 ते 13:39 |
| यमगंड | 07:13 ते 08:50 |
| गुलिक काळ | 10:26 ते 12:03 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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