विशाखापट्टणम पंचांग, मंगळवार, 31 मार्च, 2026
विशाखापट्टणम साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
सण
- महावीर जयंती
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल त्रयोदशी 06:56 पर्यंतनंतर शुक्ल चतुर्दशी 07:07 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा फाल्गुनी 15:21 पर्यंतनंतर उत्तरा फाल्गुनी 16:18 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | गंड 15:41 पर्यंतनंतर वृद्धी 14:50 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | तैतिल 06:56 पर्यंतनंतर गरज 18:59 पर्यंत; नंतर वणिज 07:07 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | चैत्र (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:52 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:10 |
| चंद्रोदय | 16:46 |
| चंद्रास्त | 04:34 |
| सूर्य राशी | मीन |
| चंद्र राशी | सिंह |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:36 ते 12:26 |
|---|---|
| राहुकाळ | 15:06 ते 16:38 |
| यमगंड | 08:57 ते 10:29 |
| गुलिक काळ | 12:01 ते 13:33 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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