विशाखापट्टणम पंचांग, बुधवार, 18 मार्च, 2026
विशाखापट्टणम साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण चतुर्दशी 08:26 पर्यंतनंतर अमावास्या 06:53 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | शततारका 06:09 पर्यंतनंतर पूर्वा भाद्रपदा 05:21 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर उत्तरा भाद्रपदा 04:05 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | साध्य 06:22 पर्यंतनंतर शुभ 04:01 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर शुक्ल 01:17 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | शकुनी 08:26 पर्यंतनंतर चतुष्पाद 19:44 पर्यंत; नंतर नाग 06:53 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | फाल्गुन (अमांत)चैत्र (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2082 · शके 1947 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:03 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:07 |
| चंद्रोदय | 05:22 |
| चंद्रास्त | 17:33 |
| सूर्य राशी | मीन |
| चंद्र राशी | कुंभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:41 ते 12:29अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 12:05 ते 13:36 |
| यमगंड | 07:33 ते 09:04 |
| गुलिक काळ | 10:34 ते 12:05 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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