वाराणसी पंचांग, सोमवार, 20 डिसेंबर, 2027
वाराणसी साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण अष्टमी 01:53 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर कृष्ण नवमी 00:35 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तरा फाल्गुनी 01:05 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर हस्त 00:25 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | आयुष्मान 17:56 पर्यंतनंतर सौभाग्य 15:32 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 14:41 पर्यंतनंतर कौलव 01:53 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर तैतिल 13:11 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | सोमवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | मार्गशीर्ष (अमांत)पौष (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:38 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:12 |
| चंद्रोदय | या दिवशी नाही |
| चंद्रास्त | 11:39 |
| सूर्य राशी | धनु |
| चंद्र राशी | सिंह |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:34 ते 12:16 |
|---|---|
| राहुकाळ | 07:57 ते 09:17 |
| यमगंड | 10:36 ते 11:55 |
| गुलिक काळ | 13:15 ते 14:34 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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