वाराणसी पंचांग, शुक्रवार, 24 सप्टेंबर, 2027
वाराणसी साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण नवमी 00:55 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर कृष्ण दशमी 22:31 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | आर्द्रा 15:58 पर्यंतनंतर पुनर्वसु 14:28 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | वरीयान 20:52 पर्यंतनंतर परिघ 17:51 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | तैतिल 13:59 पर्यंतनंतर गरज 00:55 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर वणिज 11:46 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | भाद्रपद (अमांत)आश्विन (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:47 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:53 |
| चंद्रोदय | या दिवशी नाही |
| चंद्रास्त | 13:34 |
| सूर्य राशी | कन्या |
| चंद्र राशी | मिथुन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:26 ते 12:14 |
|---|---|
| राहुकाळ | 10:19 ते 11:50 |
| यमगंड | 14:51 ते 16:22 |
| गुलिक काळ | 07:18 ते 08:48 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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