वाराणसी पंचांग, मंगळवार, 21 सप्टेंबर, 2027
वाराणसी साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण पंचमी 06:43 पर्यंतनंतर कृष्ण षष्ठी 05:53 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | कृत्तिका 18:13 पर्यंतनंतर रोहिणी 17:52 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | हर्षण 05:49 पर्यंतनंतर वज्र 04:04 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर सिद्धी 01:59 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | तैतिल 06:43 पर्यंतनंतर गरज 18:21 पर्यंत; नंतर वणिज 05:53 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | भाद्रपद (अमांत)आश्विन (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:46 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:56 |
| चंद्रोदय | 21:17 |
| चंद्रास्त | 10:36 |
| सूर्य राशी | कन्या |
| चंद्र राशी | वृषभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:27 ते 12:15 |
|---|---|
| राहुकाळ | 14:54 ते 16:25 |
| यमगंड | 08:48 ते 10:20 |
| गुलिक काळ | 11:51 ते 13:22 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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