वाराणसी पंचांग, शनिवार, 28 ऑगस्ट, 2027
वाराणसी साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण एकादशी 12:43 पर्यंतनंतर कृष्ण द्वादशी 09:36 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | आर्द्रा 08:33 पर्यंतनंतर पुनर्वसु 06:18 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सिद्धी 13:06 पर्यंतनंतर व्यतीपात 09:28 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 12:43 पर्यंतनंतर कौलव 23:12 पर्यंत; नंतर तैतिल 09:36 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शनिवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | श्रावण (अमांत)भाद्रपद (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:37 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:22 |
| चंद्रोदय | 01:27 |
| चंद्रास्त | 15:43 |
| सूर्य राशी | सिंह |
| चंद्र राशी | मिथुन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:34 ते 12:25 |
|---|---|
| राहुकाळ | 08:48 ते 10:24 |
| यमगंड | 13:35 ते 15:10 |
| गुलिक काळ | 05:37 ते 07:12 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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