वाराणसी का पंचांग, गुरुवार, 26 अगस्त 2027
वाराणसी के लिए, एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक की गणना।
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | कृष्ण नवमी 17:40 तकफिर कृष्ण दशमी 15:26 (अगले दिन) तक |
|---|---|
| नक्षत्र | रोहिणी 11:42 तकफिर मृगशिरा 10:23 (अगले दिन) तक |
| योग | हर्षण 19:21 तकफिर वज्र 16:26 (अगले दिन) तक |
| करण | तैतिल 06:35 तकफिर गर 17:40 तक; फिर वणिज 04:37 (अगले दिन) तक; फिर विष्टि (भद्रा) 15:26 (अगले दिन) तक |
| वार | गुरुवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | श्रावण (अमांत)भाद्रपद (पूर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शक 1949 |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 05:36 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:24 |
| चंद्रोदय | इस दिन नहीं |
| चंद्रास्त | 13:46 |
| सूर्य राशि | सिंह |
| चंद्र राशि | वृषभ |
दिन के समय
| अभिजीत मुहूर्त | 11:34 से 12:25 तक |
|---|---|
| राहुकाल | 13:36 से 15:12 तक |
| यमगंड | 05:36 से 07:12 तक |
| गुलिक काल | 08:48 से 10:24 तक |
राहुकाल, यमगंड और गुलिक को परंपरा से नई शुरुआत के लिए कम अनुकूल माना जाता है। अभिजीत को परंपरा से शुभ माना जाता है।
स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिरी अयनांश। सूर्योदय: सूर्य का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित। मास अमांत, पूर्णिमांत साथ में।
आज का दिन आपके लिए क्या कहता है?
आपकी कुंडली इस पंचांग को आपका दिन बनाती है: आपका चंद्रमा, आपकी दशा, आपके गोचर।
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