वाराणसी का पंचांग, बुधवार, 4 अगस्त 2027

वाराणसी के लिए, एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक की गणना।

पंचांग के पाँच अंग

तिथिशुक्ल द्वितीया 08:20 तकफिर शुक्ल तृतीया 05:09 (अगले दिन) तक; फिर शुक्ल चतुर्थी 02:28 (अगले दिन) तक
नक्षत्रमघा 11:37 तकफिर पूर्वा फाल्गुनी 09:19 (अगले दिन) तक
योगवरीयान 10:27 तकफिर परिघ 06:48 (अगले दिन) तक
करणकौलव 08:20 तकफिर तैतिल 18:42 तक; फिर गर 05:09 (अगले दिन) तक; फिर वणिज 15:44 (अगले दिन) तक
वारबुधवार
पक्षशुक्ल पक्ष
मासश्रावण (अमांत)
संवतविक्रम 2084 · शक 1949

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय05:26
सूर्यास्त18:42
चंद्रोदय07:18
चंद्रास्त20:06
सूर्य राशिकर्क
चंद्र राशिसिंह

दिन के समय

अभिजीत मुहूर्त11:37 से 12:30 तककई पंचांग बुधवार को अभिजीत नहीं लेते।
राहुकाल12:04 से 13:43 तक
यमगंड07:06 से 08:45 तक
गुलिक काल10:24 से 12:04 तक

राहुकाल, यमगंड और गुलिक को परंपरा से नई शुरुआत के लिए कम अनुकूल माना जाता है। अभिजीत को परंपरा से शुभ माना जाता है।

स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिरी अयनांश। सूर्योदय: सूर्य का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित। मास अमांत, पूर्णिमांत साथ में।

आज का दिन आपके लिए क्या कहता है?

आपकी कुंडली इस पंचांग को आपका दिन बनाती है: आपका चंद्रमा, आपकी दशा, आपके गोचर।

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