वाराणसी पंचांग, गुरुवार, 1 जुलै, 2027
वाराणसी साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण द्वादशी 18:15 पर्यंतनंतर कृष्ण त्रयोदशी 15:24 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | कृत्तिका 19:31 पर्यंतनंतर रोहिणी 17:26 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | धृती 05:57 पर्यंतनंतर शूल 02:50 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर गंड 23:17 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | कौलव 07:28 पर्यंतनंतर तैतिल 18:15 पर्यंत; नंतर गरज 04:53 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर वणिज 15:24 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | ज्येष्ठ (अमांत)आषाढ (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:11 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:53 |
| चंद्रोदय | 01:56 |
| चंद्रास्त | 16:08 |
| सूर्य राशी | मिथुन |
| चंद्र राशी | वृषभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:34 ते 12:29 |
|---|---|
| राहुकाळ | 13:44 ते 15:27 |
| यमगंड | 05:11 ते 06:54 |
| गुलिक काळ | 08:36 ते 10:19 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
आजचा दिवस तुमच्यासाठी काय सांगतो?
तुमची पत्रिका हे पंचांग तुमच्या दिवसात बदलते: तुमचा चंद्र, तुमची दशा, तुमचे गोचर.
तुमची पत्रिका बनवा