वाराणसी पंचांग, मंगळवार, 22 जून, 2027
वाराणसी साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण तृतीया 13:08 पर्यंतनंतर कृष्ण चतुर्थी 15:43 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तराषाढा 08:08 पर्यंतनंतर श्रवण 11:17 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | ऐंद्र 08:55 पर्यंतनंतर वैधृती 10:02 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 13:08 पर्यंतनंतर बव 02:26 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बालव 15:43 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | ज्येष्ठ (अमांत)आषाढ (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:08 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:52 |
| चंद्रोदय | 21:23 |
| चंद्रास्त | 07:44 |
| सूर्य राशी | मिथुन |
| चंद्र राशी | मकर |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:32 ते 12:27 |
|---|---|
| राहुकाळ | 15:26 ते 17:09 |
| यमगंड | 08:34 ते 10:17 |
| गुलिक काळ | 12:00 ते 13:43 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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