वाराणसी पंचांग, शुक्रवार, 4 जून, 2027
वाराणसी साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | अमावास्या 01:10 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शुक्ल प्रतिपदा 21:59 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | कृत्तिका 09:14 पर्यंतनंतर रोहिणी 07:02 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सुकर्मा 15:46 पर्यंतनंतर धृती 12:10 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | चतुष्पाद 14:41 पर्यंतनंतर नाग 01:10 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर किंस्तुघ्न 11:36 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | वैशाख (अमांत)ज्येष्ठ (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:07 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:46 |
| चंद्रोदय | 04:10 |
| चंद्रास्त | 18:31 |
| सूर्य राशी | वृषभ |
| चंद्र राशी | वृषभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:29 ते 12:24 |
|---|---|
| राहुकाळ | 10:14 ते 11:56 |
| यमगंड | 15:21 ते 17:03 |
| गुलिक काळ | 06:49 ते 08:32 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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