वाराणसी का पंचांग, सोमवार, 26 अप्रैल 2027
वाराणसी के लिए, एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक की गणना।
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | कृष्ण पंचमी 07:37 तकफिर कृष्ण षष्ठी 09:58 (अगले दिन) तक |
|---|---|
| नक्षत्र | मूल 11:30 तकफिर पूर्वाषाढ़ा 14:25 (अगले दिन) तक |
| योग | शिव 14:48 तकफिर सिद्ध 15:42 (अगले दिन) तक |
| करण | तैतिल 07:37 तकफिर गर 20:45 तक; फिर वणिज 09:58 (अगले दिन) तक |
| वार | सोमवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | चैत्र (अमांत)वैशाख (पूर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शक 1949 |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 05:26 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:26 |
| चंद्रोदय | 23:32 |
| चंद्रास्त | 09:16 |
| सूर्य राशि | मेष |
| चंद्र राशि | धनु |
दिन के समय
| अभिजीत मुहूर्त | 11:30 से 12:22 तक |
|---|---|
| राहुकाल | 07:04 से 08:41 तक |
| यमगंड | 10:19 से 11:56 तक |
| गुलिक काल | 13:34 से 15:11 तक |
राहुकाल, यमगंड और गुलिक को परंपरा से नई शुरुआत के लिए कम अनुकूल माना जाता है। अभिजीत को परंपरा से शुभ माना जाता है।
स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिरी अयनांश। सूर्योदय: सूर्य का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित। मास अमांत, पूर्णिमांत साथ में।
आज का दिन आपके लिए क्या कहता है?
आपकी कुंडली इस पंचांग को आपका दिन बनाती है: आपका चंद्रमा, आपकी दशा, आपके गोचर।
अपनी कुंडली बनाएँ