वाराणसी पंचांग, मंगळवार, 20 एप्रिल, 2027
वाराणसी साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
सण
- हनुमान जयंती
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | पौर्णिमा 03:57 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर कृष्ण प्रतिपदा 03:31 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | चित्रा 04:28 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर स्वाती 04:44 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | हर्षण 17:47 पर्यंतनंतर वज्र 16:10 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 16:21 पर्यंतनंतर बव 03:57 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बालव 15:40 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | चैत्र (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:31 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:23 |
| चंद्रोदय | 17:58 |
| चंद्रास्त | 04:43 |
| सूर्य राशी | मेष |
| चंद्र राशी | कन्या |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:31 ते 12:23 |
|---|---|
| राहुकाळ | 15:10 ते 16:47 |
| यमगंड | 08:44 ते 10:21 |
| गुलिक काळ | 11:57 ते 13:34 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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