वाराणसी पंचांग, गुरुवार, 18 मार्च, 2027
वाराणसी साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल एकादशी 01:52 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शुक्ल द्वादशी 23:18 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पुष्य 03:21 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर आश्लेषा 01:31 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | अतिगंड 02:34 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर सुकर्मा 23:19 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | वणिज 15:08 पर्यंतनंतर विष्टी (भद्रा) 01:52 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बव 12:35 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | गुरुवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | फाल्गुन (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:04 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:08 |
| चंद्रोदय | 13:56 |
| चंद्रास्त | 02:58 |
| सूर्य राशी | मीन |
| चंद्र राशी | कर्क |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:42 ते 12:30 |
|---|---|
| राहुकाळ | 13:37 ते 15:07 |
| यमगंड | 06:04 ते 07:35 |
| गुलिक काळ | 09:05 ते 10:36 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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