वाराणसी का पंचांग, बुधवार, 17 मार्च 2027

वाराणसी के लिए, एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक की गणना।

पंचांग के पाँच अंग

तिथिशुक्ल नवमी 06:44 तकफिर शुक्ल दशमी 04:22 (अगले दिन) तक; फिर शुक्ल एकादशी 01:52 (अगले दिन) तक
नक्षत्रआर्द्रा 06:46 तकफिर पुनर्वसु 05:07 (अगले दिन) तक; फिर पुष्य 03:21 (अगले दिन) तक
योगसौभाग्य 08:53 तकफिर शोभन 05:47 (अगले दिन) तक; फिर अतिगण्ड 02:34 (अगले दिन) तक
करणकौलव 06:44 तकफिर तैतिल 17:34 तक; फिर गर 04:22 (अगले दिन) तक; फिर वणिज 15:08 (अगले दिन) तक
वारबुधवार
पक्षशुक्ल पक्ष
मासफाल्गुन (अमांत)
संवतविक्रम 2083 · शक 1948

सूर्य और चंद्रमा

सूर्योदय06:05
सूर्यास्त18:08
चंद्रोदय12:48
चंद्रास्त02:05
सूर्य राशिमीन
चंद्र राशिमिथुन

दिन के समय

अभिजीत मुहूर्त11:43 से 12:31 तककई पंचांग बुधवार को अभिजीत नहीं लेते।
राहुकाल12:07 से 13:37 तक
यमगंड07:36 से 09:06 तक
गुलिक काल10:36 से 12:07 तक

राहुकाल, यमगंड और गुलिक को परंपरा से नई शुरुआत के लिए कम अनुकूल माना जाता है। अभिजीत को परंपरा से शुभ माना जाता है।

स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिरी अयनांश। सूर्योदय: सूर्य का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित। मास अमांत, पूर्णिमांत साथ में।

आज का दिन आपके लिए क्या कहता है?

आपकी कुंडली इस पंचांग को आपका दिन बनाती है: आपका चंद्रमा, आपकी दशा, आपके गोचर।

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