वाराणसी पंचांग, शुक्रवार, 4 डिसेंबर, 2026
वाराणसी साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण एकादशी 23:45 पर्यंतनंतर कृष्ण द्वादशी 00:53 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | हस्त 10:23 पर्यंतनंतर चित्रा 11:49 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | आयुष्मान 08:23 पर्यंतनंतर सौभाग्य 07:53 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बव 11:21 पर्यंतनंतर बालव 23:45 पर्यंत; नंतर कौलव 12:16 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | कार्तिक (अमांत)मार्गशीर्ष (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:28 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:08 |
| चंद्रोदय | 02:07 |
| चंद्रास्त | 13:48 |
| सूर्य राशी | वृश्चिक |
| चंद्र राशी | कन्या |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:27 ते 12:09 |
|---|---|
| राहुकाळ | 10:28 ते 11:48 |
| यमगंड | 14:28 ते 15:48 |
| गुलिक काळ | 07:48 ते 09:08 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
आजचा दिवस तुमच्यासाठी काय सांगतो?
तुमची पत्रिका हे पंचांग तुमच्या दिवसात बदलते: तुमचा चंद्र, तुमची दशा, तुमचे गोचर.
तुमची पत्रिका बनवा