वाराणसी का पंचांग, शुक्रवार, 13 नवंबर 2026
वाराणसी के लिए, एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक की गणना।
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | शुक्ल चतुर्थी 20:43 तकफिर शुक्ल पंचमी 23:25 (अगले दिन) तक |
|---|---|
| नक्षत्र | मूल 17:17 तकफिर पूर्वाषाढ़ा 20:24 (अगले दिन) तक |
| योग | धृति 05:22 (अगले दिन) तकफिर शूल 06:22 (अगले दिन) तक |
| करण | वणिज 07:25 तकफिर विष्टि (भद्रा) 20:43 तक; फिर बव 10:03 (अगले दिन) तक |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | कार्तिक (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शक 1948 |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:13 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:11 |
| चंद्रोदय | 09:43 |
| चंद्रास्त | 20:12 |
| सूर्य राशि | तुला |
| चंद्र राशि | धनु |
दिन के समय
| अभिजीत मुहूर्त | 11:20 से 12:04 तक |
|---|---|
| राहुकाल | 10:20 से 11:42 तक |
| यमगंड | 14:27 से 15:49 तक |
| गुलिक काल | 07:35 से 08:58 तक |
राहुकाल, यमगंड और गुलिक को परंपरा से नई शुरुआत के लिए कम अनुकूल माना जाता है। अभिजीत को परंपरा से शुभ माना जाता है।
स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिरी अयनांश। सूर्योदय: सूर्य का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित। मास अमांत, पूर्णिमांत साथ में।
आज का दिन आपके लिए क्या कहता है?
आपकी कुंडली इस पंचांग को आपका दिन बनाती है: आपका चंद्रमा, आपकी दशा, आपके गोचर।
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