वाराणसी पंचांग, शनिवार, 18 जुलै, 2026
वाराणसी साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | शुक्ल पंचमी 03:43 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शुक्ल षष्ठी 03:30 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वा फाल्गुनी 18:00 पर्यंतनंतर उत्तरा फाल्गुनी 18:12 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | वरीयान 20:45 पर्यंतनंतर परिघ 19:23 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बव 16:07 पर्यंतनंतर बालव 03:43 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर कौलव 15:31 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शनिवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | आषाढ (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:18 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:50 |
| चंद्रोदय | 09:12 |
| चंद्रास्त | 21:44 |
| सूर्य राशी | कर्क |
| चंद्र राशी | सिंह |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:37 ते 12:31 |
|---|---|
| राहुकाळ | 08:41 ते 10:23 |
| यमगंड | 13:46 ते 15:27 |
| गुलिक काळ | 05:18 ते 07:00 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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