वाराणसी पंचांग, बुधवार, 3 जून, 2026
वाराणसी साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण तृतीया 21:22 पर्यंतनंतर कृष्ण चतुर्थी 23:31 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | पूर्वाषाढा 01:00 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर उत्तराषाढा 03:42 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शुभ 08:12 पर्यंतनंतर शुक्ल 09:03 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | वणिज 08:13 पर्यंतनंतर विष्टी (भद्रा) 21:22 पर्यंत; नंतर बव 10:28 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | अधिक ज्येष्ठ (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:07 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:45 |
| चंद्रोदय | 21:27 |
| चंद्रास्त | 07:10 |
| सूर्य राशी | वृषभ |
| चंद्र राशी | धनु |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:29 ते 12:23अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 11:56 ते 13:38 |
| यमगंड | 06:49 ते 08:32 |
| गुलिक काळ | 10:14 ते 11:56 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
आजचा दिवस तुमच्यासाठी काय सांगतो?
तुमची पत्रिका हे पंचांग तुमच्या दिवसात बदलते: तुमचा चंद्र, तुमची दशा, तुमचे गोचर.
तुमची पत्रिका बनवा