वाराणसी पंचांग, शुक्रवार, 17 एप्रिल, 2026
वाराणसी साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | अमावास्या 17:22 पर्यंतनंतर शुक्ल प्रतिपदा 14:11 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | रेवती 12:02 पर्यंतनंतर अश्विनी 09:43 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | वैधृती 07:22 पर्यंतनंतर विष्कंभ 03:45 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर प्रीती 23:56 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | चतुष्पाद 06:50 पर्यंतनंतर नाग 17:22 पर्यंत; नंतर किंस्तुघ्न 03:48 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर बव 14:11 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | शुक्रवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | चैत्र (अमांत)वैशाख (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:34 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:22 |
| चंद्रोदय | 05:05 |
| चंद्रास्त | 18:21 |
| सूर्य राशी | मेष |
| चंद्र राशी | मीन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:32 ते 12:23 |
|---|---|
| राहुकाळ | 10:22 ते 11:58 |
| यमगंड | 15:10 ते 16:46 |
| गुलिक काळ | 07:10 ते 08:46 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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