वाराणसी पंचांग, सोमवार, 6 एप्रिल, 2026
वाराणसी साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण चतुर्थी 14:11 पर्यंतनंतर कृष्ण पंचमी 16:35 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | अनुराधा 02:57 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर ज्येष्ठा 05:54 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सिद्धी 15:25 पर्यंतनंतर व्यतीपात 16:16 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 14:11 पर्यंतनंतर कौलव 03:22 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर तैतिल 16:35 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | सोमवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | चैत्र (अमांत)वैशाख (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 05:44 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:17 |
| चंद्रोदय | 22:17 |
| चंद्रास्त | 08:01 |
| सूर्य राशी | मीन |
| चंद्र राशी | वृश्चिक |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:36 ते 12:26 |
|---|---|
| राहुकाळ | 07:18 ते 08:53 |
| यमगंड | 10:27 ते 12:01 |
| गुलिक काळ | 13:35 ते 15:09 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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