वाराणसी पंचांग, मंगळवार, 17 मार्च, 2026
वाराणसी साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण त्रयोदशी 09:23 पर्यंतनंतर कृष्ण चतुर्दशी 08:26 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | धनिष्ठा 06:22 पर्यंतनंतर शततारका 06:09 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सिद्ध 08:15 पर्यंतनंतर साध्य 06:22 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | वणिज 09:23 पर्यंतनंतर विष्टी (भद्रा) 20:59 पर्यंत; नंतर शकुनी 08:26 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | फाल्गुन (अमांत)चैत्र (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2082 · शके 1947 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:05 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:08 |
| चंद्रोदय | 04:53 |
| चंद्रास्त | 16:33 |
| सूर्य राशी | मीन |
| चंद्र राशी | कुंभ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:42 ते 12:31 |
|---|---|
| राहुकाळ | 15:07 ते 16:38 |
| यमगंड | 09:06 ते 10:36 |
| गुलिक काळ | 12:07 ते 13:37 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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