वाराणसी पंचांग, सोमवार, 9 मार्च, 2026
वाराणसी साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण षष्ठी 23:28 पर्यंतनंतर कृष्ण सप्तमी 01:55 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | विशाखा 16:11 पर्यंतनंतर अनुराधा 19:05 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | व्याघात 07:35 पर्यंतनंतर हर्षण 08:21 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 10:17 पर्यंतनंतर वणिज 23:28 पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 12:41 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | सोमवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | फाल्गुन (अमांत)चैत्र (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2082 · शके 1947 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:13 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:04 |
| चंद्रोदय | 23:32 |
| चंद्रास्त | 09:24 |
| सूर्य राशी | कुंभ |
| चंद्र राशी | तूळ |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 11:45 ते 12:32 |
|---|---|
| राहुकाळ | 07:42 ते 09:11 |
| यमगंड | 10:40 ते 12:09 |
| गुलिक काळ | 13:38 ते 15:06 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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