वडोदरा पंचांग, मंगळवार, 17 ऑगस्ट, 2027
वडोदरा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
सण
- रक्षाबंधन (नारळी पौर्णिमा)
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | पौर्णिमा 12:59 पर्यंतनंतर कृष्ण प्रतिपदा 15:16 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | धनिष्ठा 02:32 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर शततारका 05:15 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शोभन 01:36 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर अतिगंड 02:21 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बव 12:59 पर्यंतनंतर बालव 02:09 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर कौलव 15:16 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
| पक्ष | शुक्ल पक्ष |
| मास | श्रावण (अमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:15 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 19:08 |
| चंद्रोदय | 19:09 |
| चंद्रास्त | 06:05 |
| सूर्य राशी | कर्क |
| चंद्र राशी | मकर |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:15 ते 13:07 |
|---|---|
| राहुकाळ | 15:54 ते 17:31 |
| यमगंड | 09:28 ते 11:05 |
| गुलिक काळ | 12:41 ते 14:18 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
आजचा दिवस तुमच्यासाठी काय सांगतो?
तुमची पत्रिका हे पंचांग तुमच्या दिवसात बदलते: तुमचा चंद्र, तुमची दशा, तुमचे गोचर.
तुमची पत्रिका बनवा