वडोदरा पंचांग, सोमवार, 31 ऑगस्ट, 2026
वडोदरा साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण तृतीया 08:52 पर्यंतनंतर कृष्ण चतुर्थी 07:42 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | रेवती 03:24 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर अश्विनी 02:42 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | गंड 01:50 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर वृद्धी 23:38 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | विष्टी (भद्रा) 08:52 पर्यंतनंतर बव 20:20 पर्यंत; नंतर बालव 07:42 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | सोमवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | श्रावण (अमांत)भाद्रपद (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2083 · शके 1948 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:19 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:55 |
| चंद्रोदय | 20:48 |
| चंद्रास्त | 08:59 |
| सूर्य राशी | सिंह |
| चंद्र राशी | मीन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:12 ते 13:03 |
|---|---|
| राहुकाळ | 07:54 ते 09:28 |
| यमगंड | 11:03 ते 12:37 |
| गुलिक काळ | 14:12 ते 15:46 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
आजचा दिवस तुमच्यासाठी काय सांगतो?
तुमची पत्रिका हे पंचांग तुमच्या दिवसात बदलते: तुमचा चंद्र, तुमची दशा, तुमचे गोचर.
तुमची पत्रिका बनवा