सुरत पंचांग, मंगळवार, 21 डिसेंबर, 2027
सुरत साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण नवमी 00:35 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर कृष्ण दशमी 23:41 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | हस्त 00:25 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंतनंतर चित्रा 00:09 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | सौभाग्य 15:32 पर्यंतनंतर शोभन 13:28 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | तैतिल 13:11 पर्यंतनंतर गरज 00:35 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर वणिज 12:05 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | मार्गशीर्ष (अमांत)पौष (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 07:11 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:02 |
| चंद्रोदय | 01:00 |
| चंद्रास्त | 12:59 |
| सूर्य राशी | धनु |
| चंद्र राशी | कन्या |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:15 ते 12:58 |
|---|---|
| राहुकाळ | 15:19 ते 16:41 |
| यमगंड | 09:54 ते 11:15 |
| गुलिक काळ | 12:37 ते 13:58 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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