सुरत पंचांग, मंगळवार, 14 डिसेंबर, 2027
सुरत साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण प्रतिपदा 19:02 पर्यंतनंतर कृष्ण द्वितीया 16:14 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | मृग 13:25 पर्यंतनंतर आर्द्रा 11:21 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | शुभ 16:45 पर्यंतनंतर शुक्ल 13:15 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | बालव 08:22 पर्यंतनंतर कौलव 19:02 पर्यंत; नंतर तैतिल 05:39 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर गरज 16:14 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | मंगळवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | मार्गशीर्ष (अमांत)पौष (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 07:07 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 17:59 |
| चंद्रोदय | 18:42 |
| चंद्रास्त | 07:41 |
| सूर्य राशी | वृश्चिक |
| चंद्र राशी | मिथुन |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:11 ते 12:55 |
|---|---|
| राहुकाळ | 15:16 ते 16:38 |
| यमगंड | 09:50 ते 11:12 |
| गुलिक काळ | 12:33 ते 13:55 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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