सुरत पंचांग, बुधवार, 27 ऑक्टोबर, 2027
सुरत साठी, एका सूर्योदयापासून पुढच्या सूर्योदयापर्यंतची गणना.
सण
- धनत्रयोदशी
पंचांगाची पाच अंगे
| तिथी | कृष्ण त्रयोदशी 22:50 पर्यंतनंतर कृष्ण चतुर्दशी 20:49 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
|---|---|
| नक्षत्र | उत्तरा फाल्गुनी 13:01 पर्यंतनंतर हस्त 11:36 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| योग | ऐंद्र 08:42 पर्यंतनंतर वैधृती 05:45 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत; नंतर विष्कंभ 03:01 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| करण | गरज 11:56 पर्यंतनंतर वणिज 22:50 पर्यंत; नंतर विष्टी (भद्रा) 09:47 (दुसऱ्या दिवशी) पर्यंत |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत)कार्तिक (पौर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शके 1949 |
सूर्य आणि चंद्र
| सूर्योदय | 06:39 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:06 |
| चंद्रोदय | 04:14 |
| चंद्रास्त | 16:22 |
| सूर्य राशी | तूळ |
| चंद्र राशी | कन्या |
दिवसाच्या वेळा
| अभिजित मुहूर्त | 12:00 ते 12:45अनेक पंचांगे बुधवारी अभिजित धरत नाहीत. |
|---|---|
| राहुकाळ | 12:22 ते 13:48 |
| यमगंड | 08:05 ते 09:31 |
| गुलिक काळ | 10:57 ते 12:22 |
राहुकाळ, यमगंड आणि गुलिक हे परंपरेनुसार नव्या सुरुवातीसाठी कमी अनुकूल मानले जातात. अभिजित परंपरेनुसार शुभ मानला जातो.
स्विस एफेमेरिस, लाहिरी अयनांश. सूर्योदय: सूर्याची वरची कड, अपवर्तनासह. मास अमांत, पौर्णिमांत सोबत.
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