सूरत का पंचांग, बुधवार, 20 अक्टूबर 2027
सूरत के लिए, एक सूर्योदय से अगले सूर्योदय तक की गणना।
पंचांग के पाँच अंग
| तिथि | कृष्ण पंचमी 15:19 तकफिर कृष्ण षष्ठी 13:43 (अगले दिन) तक |
|---|---|
| नक्षत्र | मृगशिरा 22:30 तकफिर आर्द्रा 21:33 (अगले दिन) तक |
| योग | वरीयान 07:05 तकफिर परिघ 04:42 (अगले दिन) तक; फिर शिव 02:10 (अगले दिन) तक |
| करण | तैतिल 15:19 तकफिर गर 02:32 (अगले दिन) तक; फिर वणिज 13:43 (अगले दिन) तक |
| वार | बुधवार |
| पक्ष | कृष्ण पक्ष |
| मास | आश्विन (अमांत)कार्तिक (पूर्णिमांत) |
| संवत | विक्रम 2084 · शक 1949 |
सूर्य और चंद्रमा
| सूर्योदय | 06:36 |
|---|---|
| सूर्यास्त | 18:11 |
| चंद्रोदय | 22:02 |
| चंद्रास्त | 11:04 |
| सूर्य राशि | तुला |
| चंद्र राशि | वृषभ |
दिन के समय
| अभिजीत मुहूर्त | 12:00 से 12:47 तककई पंचांग बुधवार को अभिजीत नहीं लेते। |
|---|---|
| राहुकाल | 12:23 से 13:50 तक |
| यमगंड | 08:03 से 09:30 तक |
| गुलिक काल | 10:56 से 12:23 तक |
राहुकाल, यमगंड और गुलिक को परंपरा से नई शुरुआत के लिए कम अनुकूल माना जाता है। अभिजीत को परंपरा से शुभ माना जाता है।
स्विस एफ़ेमेरिस, लाहिरी अयनांश। सूर्योदय: सूर्य का ऊपरी किनारा, अपवर्तन सहित। मास अमांत, पूर्णिमांत साथ में।
आज का दिन आपके लिए क्या कहता है?
आपकी कुंडली इस पंचांग को आपका दिन बनाती है: आपका चंद्रमा, आपकी दशा, आपके गोचर।
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